चार धाम यात्रा मार्ग पर गढ़वाल मण्डल विकास निगम पर्यटक आवास गृहो का योगदान पर्यटकों के हित में

चार धाम यात्रा मार्ग पर गढ़वाल मण्डल विकास निगम पर्यटक आवास गृहो का योगदान पर्यटकों के हित में

91 पर्यटक आवास गृहो की चैन बना कर निगम पर्यटकों के हित मे सेवा देने को  संकल्पित

 

* पर्यटकों को चार धाम यात्रा मार्ग में रात्रि निवास की सुविधा  उपलब्ध करता है निगम

*बाबा काली कमली के बाद निगम की पर्यटकों की दी जा रही सेवा सबसे ज्यादा उम्दा

*निगम ने अपने पर्यटक आवास गृहो को ए, बी, सी, डी  में वर्गीकृत कर मानक तय किये

*चार धाम यात्रा मार्ग यथा गंगोत्री,केदारनाथ, बद्रीनाथ ,लिनचोली, भीमबली, जंगलचट्टी आदि में मुश्किल हालातो के रहते हुये निगमकर्मी मुस्तेद

*निगम प्रबंध निदेशिका ज्योति नीरज खैरवाल ओर महाप्रबन्धक पर्यटन बी एल राणा पर्यटकों के हित मे कार्ययोजना को अन्तिम रूप देते हुए कर्मचारियों को ट्रेनिग देने में जुटे

*2013 उत्तराखंड आपदा के बाद पर्यटन व्यवसाय इस बार सुधरने की उम्मीद

*लगातार घाटे में चल रहे पर्यटक आवास गृहो को पी पी मोड़ में दिये जाने का निर्णय

* पर्यटकों को किसी प्रकार की निगम स्तर पर असुविधा ना हो ,इस पर कोताही बर्दाश्त नही

आगामी यात्रा काल का चरम सीजन 18 अप्रैल से पर्यटकों के लिए 6 माह के लिये खुल जायेंगे इस बार पर्यटकों का झुकाव पिछले वर्षों की भांति इस बार ज्यादा उत्साह नजर आ रहा है ।पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों  में 2013 से अभी तक मुस्कराहट का अभाव देखा गया किन्तु इस बार अभी तक सबके चेहरे खिल खिले दिख रहे है। गढ़वाल मण्डल विकास निगम ने भी आगामी यात्रा काल को लेकर जो रणनीति बनाई है अगर उसका कर्मचारी सही पालन कर अपने दायित्व का पालन करेंगे तो फिर से निगम अपने व्यवसाय को घाटे से उबारने में सफल हो जायेगा।ये बात भी दिलचस्प है कि निगम कर्मियों को मुश्किलें बहुत है फिर भी निगम हित को आधार मानते हुये प्रबंधन के दिशा निर्देशों का सभी को ध्यान रहता है। अभी हाल ही में कर्मचारियो को प्रक्षिक्षण देकर निगम प्रबंधन ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए है।

उत्तराखण्ड चार धाम यात्रा का जिक्र करे तो  बाबा काली कमली और बद्रीनाथ टेंपल कमेटी का योगदान पर्यटकों को रात्रि व्यवस्था सहित खानपान के लिये भुलाई नही जा सकती है। पुराने समय मे पैदल यात्रा मार्ग में बनी चट्टिया आज भी इस बात का प्रमाण देती नजर आती है। आज प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल जी महाराज फिर से पैदल मार्ग को दुरस्त बनाने में जुटे है और पर्यटकों को पैदल यात्रा का निमंत्रण भी दे रहे है  जो प्रदेश के लिए विकास की दशा में शुभ संकेत माने जा रहे है। इसी कड़ी में दृष्टिपात करे तो  समय के कालचक्र के साथ तीर्थयात्रा में व्यापक बदलाव और रहन सहन सहित खान पान की सुविधाओं में पर्यटकों ने बदलाव किया है जिसे अमली जामा पहनाने में गढ़वाल मण्डल विकास निगम ने अच्छी भूमिका का निर्वहन किया है।पर्यटकों की सुविधा के फलस्वरूप निगम ने भी अपनी सुविधाओ में बदलाव कर  मुफीद सुविधा पर्यटकों को देने का संकल्प लिया है  उत्तराखंड के गढ़वाल मण्डल में 91 पर्यटक आवास गृहो की श्रृंखला और लगभग 4000 हजार कर्मचारियो की तैनाती अपने आप एक अद्दभुत उदाहरण है जिसके आगे दुसरा कोई टीक नही सकता है। निगम प्रबंधन ने अपने आवास गृहो को चार श्रेणियों में बांटकर उसके अनुसार मानक तय कर कार्ययोजना बनाई है निगम ने ए श्रेणी में अपने 12 महीने चलने वाले पर्यटक आवास जिनमे औली,चीला, धनोल्टी,द्रोणा, राही मोटेल हरिद्वार,कौडियाला,लैन्सडाउन,मसूरी,गंगा रिसोर्ट,भरत भूमि,ऋषिलोक,रूद्रप्रयाग  उत्तरकाशी आदि प्रमुख है।बी ग्रेड में बद्रीनाथ, केदरनाथ, आसन बैराज, बड़कोट,फूलचट्टी,भोजवासा,हर्षिल,गैरसैंण, जोशीमठ ,गुप्तकाशी,न्यू टिहरी,पीपलकोटी,रामपुर, जानकीचट्टी शामिल है सी ग्रेड में निगम के हरकीदून ओर ट्रेंकिग रुट के पर्यटक आवास गृहो को छोड़कर शेष शामिल किये गए है  और डी ग्रुप में ट्रैकिंग रुट के सभी बंगले शामिल किए गये है।   ट्रैकिंग रूट के अधिकत्तर बंगले घाटे की स्थिति में बताये जा रहे है। वर्ष 2013 की आपदा के बाद ट्रैकिंग ग्रुपो में लगातार कमी आने भी एक वजह मानी जा रही है। पर्यटन व्यवसाय की बढ़ोत्तरी के साथ पर्यटकों का विश्वाश फिर से ट्रैकिंग टुअर को अमृत प्रदान कर सकता है। इस बार 18 अप्रैल को यमनोत्री और गंगोत्री के कपाट 6 माह के लिये पर्यटकों के लिये खुल जाएंगे इसी प्रकार बाबा केदारनाथ जी के कपाट 29अप्रैल सहित बद्रीनाथ के कपाट 30 अप्रैल से श्रदालुओ के हेतु 6 माह दर्शन हेतू  खुल जायेंगे।निगम प्रबंधन ने भी नए उत्साह के साथ इस बार पर्यटकों को किसी भी बात की परेशानी महसूस ना हो इस बात के लिये अपने तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिये है। निगम प्रबंधन ने अपने पर्यटक आवास गृहो की पूर्व सुविधाएं बढ़ाने  का भी निर्णय लिया है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि माह मई जून में बद्रीनाथ ओर केदारनाथ सहित अन्य चारधाम यात्रा पड़ाव अधिकत्तर पहले से ही आरक्षित हो चुके है।बद्रीनाथ का हाल तो ये है कि वहाँ स्थापित 500 बैड का भी आरक्षण पूर्व से हो गया है।ये आरक्षण भागवत कथा सहित अन्य आयोजन हेतु आरक्षित किये गये है।

 

Bharat Bhushan Kukreti

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